बिज़नस भास्कर अख़बार के आर्थिक संपादक हरबीर सिंह नें मीडिया पर आरोप लगाया की उपभोक्ता संरक्षण मामले पर उपभोक्ता के हित का ख्याल नहीं करती है नतीजा आज भारत मैं बाजार और सरकार पूरी तरह हावी है , जिसके चलते ये तंत्र आम उपभोक्ता का मानसिक और आर्थिक शोषण कर रही है। आर्थिक मामले पर पिछले १३ बरसों से पत्रकारिता कर रहे हरबीर सिंह नें कहा की सरकार और आम लोग किसी न किसी चीज का उपभोक्ता हैं मगर आश्चर्य है की अभी तक एक बार भी संसद में इस मामले पर विधेयक लाने की बात दूर , बहस तक नहीं हुई। लोकसभा और राज्यसभा मैं ५०० सांसदों की उपभोक्ता मसले पर अब तक कुछ नहीं बोलना यह बताता है की जनप्रतिनिधि को चिंता ही नहीं है। उन्होंने कहा की कानून में घालमेल के चलते उपभोक्ताओं को अपने हक के लिया जागरूक होना होगा । १९८६ में बने कानून की समीक्षा के लिए कमीशन अभी तक अपना काम शुरू भी नहीं किया है। बहुरास्ट्रीय कम्पनियाँ की भारत की बाजारों पर पकर मजबूत हो रही है वही उपभोक्ता की पकर सरकार और बाजार पर ढीली पर जा रही है .आने बाले दिनों में परिणाम घातक होगा। जनता को जनांदोलन करने की जरुरत है।
दिल्ली की संस्था अवेक इंडिया फोंड़ेशन द्वारा २५ december को आयोजित संगोष्ठी मैं नेहरु युवा केंद्र , के निदेशक चंद्रशेखर प्राण नें कहा की उपभोक्ता आज सरकार और बाजार का दवा बना है जिसका इस्तेमाल आज हो रहा है.हर कोई आज इसका मरीज है.समाज सरकार,और बाजार पर आम उपभोक्ता की पकर ढीली पर गयी है.नतीजा मुनाफा के चक्कर में आज kanoon रूपी दवा का इस्तेमाल सरकार और बाजार कर रही है। प्राण नें कहा की सेवा ,सुविधा ,कानून मुहेया के नाम पर सरकार ,उपभोक्ता का शोषण कर रही हैं। उन्होंने कहा की चर्चा ,निर्णय ,क्रिया तीनों astar par जनसहभागिता jaruri है। मगर आज चर्चा विशेषज्ञ , निर्णय राजनेता और सरकार,तथा क्रिया जनता अस्तर पर होता है.यानि जनता यानि उपभोक्ता सहभागी बना लाचार बनी है।
वरिष्ठ पत्रकार उमेश कुमार नें कहा की हिंदुस्तान मैं ५०० संस्था उपभोक्ता संरक्षण पर work कर रही है, लेकिन दुर्भाग्य है की आज निजी कम्पनियाँ ,बाजार ,सरकार उपभोक्ता को जमकर शोषण कर रही है.न्यायिक प्रक्रिया मैं उलझें हैं आम ,नतीजा सरकारी तंत्र भी बाजार की तरह उपभोक्ता को सहभागी यानि शोषण करने का जरिया बना दिया है। आयोजक अवेक इंडिया के महासचिव जीतेन्द्र नारायण सिंह नें कहा की भारत मैं उपभोक्ता के हितों को लेकर जनक्रांति की जरुरत है। जिसके लिए राज्य,जिला और ब्लाक लेवल पर संगठन को मजबूत बनकर सरकार,और बाजार से लड़ना होगा.तभी उपभोक्ता को न्याय मिलेगा। वरिस्थ पत्रकार कुमार अमिताभ नें कहा की उपभोक्ता की शोषण सरकार कर रही है.इसका मुकाबला जनता को करना होगा.
Friday, December 25, 2009
Saturday, December 12, 2009
हमार और फोकस पर ग्रहण
हमार और focus टीवी चैनल मैं फिलहाल हालत ठीक नहीं है.पहले ग्रुप हेड कुमार संजोया सिंह की छुट्टी अब लौन्चिंग टीम मैं रहे कुमार नरेन्द्र सिंह और गौतम मयंक का संसथान से हटना यह बताता है की भीतर मैं घमासान चल रहा है। नरेन्द्र सिंह , चैनल के मालिक मातंग सिंह के काफी करीब माने जाते थे। अब राह जुदा हो चुका है। चैनल शुरू से ही राजनीती का केन्द्र बना है। अब तो हद हो गई है। जिस उदय चंद्र को कुमार संजोया सिंह लाइव इंडिया से लाकर आए थे वही अब चैनल के प्रमुख बने हैं। अब संजोया और नरेन्द्र सिंह के करीबी लोगों को चलता किया जा रहा है. संजोया सिंह के करीबी को भगाया गया है। चैनल के मालिक मातंग सिंह और उनके भाई बिहार मैं कमला सिंह ख़ुद हर चीज पर बारीकी से नजर रखे हुआ हैं। बर्तमान मैं चैनल प्रमुख उदय चंद्र राजपूत की समझे जाने बाले इस चैनल मैं दोनों राजपूत पत्रकारों संजोया सिंह और नरेन्द्र सिंह को हटवाने मैं सफल रहे हैं। जाहिर है की राजनीती के चक्रबुह मैं फंसा हमार और focas चैनल कुल मिलकर अपने अस्तित्वा के लिये संघर्स करता दिख रहा है। चैनल मैं कोई प्रोग्राम नहीं है की दर्शक जुड़े .
Subscribe to:
Comments (Atom)